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NST टेस्ट (CTG): रिपोर्ट में धड़कन और संकुचन क्या बताते हैं

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NST टेस्ट (non stress test) में पेट पर दो पट्टियाँ बाँधकर बच्चे की धड़कन और संकुचन एक साथ रिकॉर्ड किए जाते हैं; यही मशीन CTG (कार्डियोटोकोग्राफ़ी) भी कहलाती है। Cleveland Clinic के अनुसार यह आम तौर पर 28 हफ़्ते के बाद किया जाता है और लगभग 30 मिनट चलता है, और रिपोर्ट reactive या non-reactive होती है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की SBA गाइडलाइन के अनुसार बच्चे की सामान्य धड़कन 120 से 160 प्रति मिनट है। संकुचन कितनी बार आ रहे हैं, यह बाहर से लगी पट्टी ठीक बताती है; वे कितने ताक़तवर हैं, यह उसकी कर्व की ऊँचाई से तय नहीं होता।

इस लेख में
  1. NST टेस्ट (CTG) क्या रिकॉर्ड करता है
  2. NST रिपोर्ट: reactive और non-reactive
  3. रिपोर्ट की दो कर्व और सामान्य सीमाएँ
  4. संकुचन की कर्व: ऊँचाई ताक़त नहीं बताती
  5. NST या CTG कब किया जाता है
  6. क्या ऐप CTG की जगह ले सकती है
  7. अस्पताल जाने से पहले घर पर संकुचन नोट करना

NST टेस्ट (non stress test) में आप लेटी रहती हैं, पेट पर दो पट्टियाँ बँधी होती हैं और मशीन बच्चे की धड़कन के साथ-साथ संकुचन भी काग़ज़ पर उतारती है। यही मशीन CTG, यानी कार्डियोटोकोग्राफ़ी भी कहलाती है; भारत में दोनों नाम चलते हैं। संकुचन कितनी बार आ रहे हैं, यह रिपोर्ट से साफ़ दिखता है। वे कितने ताक़तवर हैं या कितना दर्द दे रहे हैं, यह उसकी कर्व से भरोसे के साथ नहीं पता चलता।

NST टेस्ट (CTG) क्या रिकॉर्ड करता है

MedlinePlus के अनुसार NST गर्भावस्था में की जाने वाली एक सुरक्षित और दर्द रहित जाँच है, जो बच्चे की धड़कन को उसकी हलचल और गर्भाशय के संकुचनों के साथ मापती है। ज़्यादातर स्वस्थ बच्चों में हलचल के दौरान धड़कन बढ़ जाती है। धड़कन सामान्य न दिखे, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही, और तब और जाँच या इलाज की ज़रूरत पड़ती है।

Cleveland Clinic जाँच का तरीक़ा इस तरह बताता है। आप आरामकुर्सी या जाँच की मेज़ पर लेट जाती हैं। पेट पर दो लचीली पट्टियाँ बाँधी जाती हैं, हर एक पर एक सेंसर। एक सेंसर संकुचन दर्ज करता है, वे भी जो आपको महसूस नहीं होते; दूसरा बच्चे की धड़कन, जो मशीन पर सुनाई भी देती है। यह जानकारी लगभग 30 मिनट तक दर्ज होती रहती है और एक चार्ट पर आ जाती है। बच्चा जाँच के दौरान न हिले, तो हो सकता है वह सो रहा हो; तब पेट पर एक छोटे भोंपू से उसे जगाया जाता है, या कुछ मीठा पीने को दिया जाता है।

जाँच आम तौर पर 28 हफ़्ते के बाद की जाती है (Cleveland Clinic, MedlinePlus)। हर गर्भवती महिला को इसकी ज़रूरत नहीं होती।

NST रिपोर्ट: reactive और non-reactive

Cleveland Clinic के अनुसार रिपोर्ट दो तरह की होती है, और वह पास या फ़ेल जैसी नहीं होती:

  • reactive, जिसे आश्वस्त करने वाली भी कहा जाता है: बच्चे की हलचल पर या किसी संकुचन के साथ धड़कन बढ़ जाती है। 20 मिनट की रिकॉर्डिंग में यह दो बार होना चाहिए। यह सामान्य नतीजा है।
  • non-reactive: धड़कन हलचल के साथ नहीं बढ़ती, या बच्चा हिलता ही नहीं। इसका मतलब यह नहीं है कि कुछ गड़बड़ है; इसका मतलब है कि जानकारी पूरी नहीं है।

नतीजा उसी दिन मिल जाता है और आपकी डॉक्टर उसे समझाती हैं। non-reactive रिपोर्ट के बाद कोई और जाँच हो सकती है, जैसे बायोफ़िज़िकल प्रोफ़ाइल (NST के साथ अल्ट्रासाउंड) या कॉन्ट्रैक्शन स्ट्रेस टेस्ट। जाँच में जोखिम दिखे, तो नज़दीकी निगरानी या जल्दी प्रसव की बात हो सकती है (Cleveland Clinic)।

रिपोर्ट की दो कर्व और सामान्य सीमाएँ

काग़ज़ या मॉनिटर पर दो कर्व दिखती हैं। ऊपर वाली बच्चे की धड़कन है, प्रति मिनट धड़कनों में, और नीचे वाली संकुचन।

क्या देखा जाता हैउसका मतलबसामान्य
धड़कन की बेसलाइनवह आधार, जिसके आसपास धड़कन चलती है120 से 160 प्रति मिनट (भारत सरकार की SBA गाइडलाइन); NICE प्रसव में 110 से 160 की स्थिर बेसलाइन
उतार-चढ़ावबेसलाइन के इधर-उधर कर्व का हिलनाआम तौर पर 5 से 25 प्रति मिनट (NICE)
धड़कन गिरनाधड़कन का कुछ समय के लिए नीचे जानाNICE के अनुसार धड़कन गिरने के पैटर्न को बाक़ी बातों के साथ मिलाकर आँका जाता है

भारत सरकार की SBA गाइडलाइन आगे भेजने की वजहों में धड़कन 120 से कम या 160 से ज़्यादा होना साफ़ गिनाती है। वह प्रसव के पहले चरण के एक्टिव हिस्से में हर आधे घंटे पर धड़कन गिनने को कहती है, पूरे एक मिनट तक, और जन्म के समय हर संकुचन के बाद। MCP कार्ड पर भी हर ANC जाँच में बच्चे की धड़कन दर्ज की जाती है।

रिपोर्ट का मतलब निकालना जानकार हाथों का काम है। मॉनिटर पर दिखती अकेली संख्या से आपको ख़ुद नतीजा नहीं निकालना है; जो समझ न आए, वह पूछ लें।

नीचे की कर्व इस तरह पढ़ी जाती है: हर संकुचन एक पहाड़ी की तरह दिखता है, जो चढ़ती है और फिर उतर जाती है। दस मिनट में पहाड़ियाँ गिन लें, तो पता चल जाता है कि संकुचन कितनी बार आ रहे हैं।

इन्फ़ोग्राफ़िक

NST या CTG की रिपोर्ट कैसे पढ़ी जाती है

ऊपर की कर्व: बच्चे की धड़कन प्रति मिनट धड़कनों में; भारत सरकार की SBA गाइडलाइन के अनुसार 120 से 160 सामान्य है, NICE 110 से 160 की स्थिर बेसलाइन को सामान्य बताता है

नीचे की कर्व: संकुचन यह ठीक बताती है कि संकुचन कितनी बार आ रहे हैं; बाहर से लगी पट्टी उनकी ताक़त का सिर्फ़ मोटा अंदाज़ा देती है

यह एक नमूना चित्र है, किसी असली रिकॉर्डिंग का नहीं। रिपोर्ट ठीक है या नहीं, यह आपकी डॉक्टर या मिडवाइफ़ पूरी स्थिति देखकर बताती हैं।

संकुचन की कर्व: ऊँचाई ताक़त नहीं बताती

कई जगह यह लिखा मिलता है कि कर्व जितनी ऊँची, संकुचन उतना तेज़। बाहर से लगी पट्टी के साथ यह बात बहुत मोटे तौर पर ही सही है। वह पट्टी पेट के ऊपर बैठती है और यह दर्ज करती है कि आपकी पेट की दीवार का तनाव कैसे बदलता है। गर्भाशय के भीतर का दबाव वह नहीं मापती।

Miles और उनके साथियों की 2001 की एक तुलना इसी पर है। 36 से 41 हफ़्ते की 20 महिलाओं में, जो सक्रिय प्रसव में थीं, दो घंटे तक एक साथ दो तरह से माप लिया गया: एक सेंसर बाहर पेट पर और एक दबाव नापने वाला कैथेटर गर्भाशय के भीतर। संकुचन कितनी बार आए, इसमें दोनों का मेल अच्छा रहा, पर संकुचन की ऊँचाई और अवधि में मेल कमज़ोर था। अध्ययन छोटा है और उसमें शामिल महिलाओं का औसत बॉडी मास इंडेक्स 31.8 था। लेखकों का निष्कर्ष है कि इस समूह में संकुचन आँकने के लिए सिर्फ़ बाहरी माप पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

दर्द तो कोई मशीन माप ही नहीं सकती। संकुचन कैसा लग रहा है, यह सिर्फ़ आप जानती हैं। कर्व उस समय सपाट दिख रही हो, तब भी अपनी मिडवाइफ़ या नर्स को बता दें कि आपको कैसा लग रहा है।

संकुचन बच्चेदानी का मुँह खोल रहे हैं या नहीं, यह भी यह कर्व नहीं बताती। ACOG के अनुसार कई बार सच्चे और अभ्यास वाले संकुचनों में फ़र्क़ सिर्फ़ योनि की जाँच से पता चलता है, जिसमें बच्चेदानी के मुँह के बदलाव देखे जाते हैं। इसका पूरा ब्यौरा Braxton Hicks और झूठी प्रसव पीड़ा में है।

NST या CTG कब किया जाता है

गर्भावस्था के दौरान

Cleveland Clinic के अनुसार हर महिला को NST की ज़रूरत नहीं होती। डॉक्टर इसे इन हालात में कराती हैं:

  • तारीख़ निकल चुकी हो, यानी 40 हफ़्ते से आगे
  • गर्भावस्था जोखिम वाली हो, जैसे मधुमेह या उच्च रक्तचाप के साथ
  • बच्चे की हलचल महसूस न हो या कम लगे
  • बच्चे की बढ़त उम्र के हिसाब से कम हो
  • जुड़वाँ या उससे ज़्यादा बच्चे हों
  • आप Rh निगेटिव हों

बच्चे की हलचल कम लगना भारत सरकार के MCP कार्ड पर छपे ख़तरे के संकेतों में भी है, जिसमें तुरंत नज़दीकी उपयुक्त अस्पताल जाने को कहा गया है। 37 हफ़्ते से पहले प्रसव दर्द भी उसी सूची में है। ऐसा कुछ लगे, तो जाँच का इंतज़ार न करें, पहले फ़ोन करें।

प्रसव के दौरान

प्रसव में बच्चे की धड़कन हर जगह मशीन से लगातार दर्ज नहीं की जाती। इंग्लैंड की NICE की गाइडलाइन NG229 कहती है कि प्रसव शुरू होने पर पहले जोखिम का आकलन किया जाए और उसके आधार पर तय हो कि धड़कन रुक-रुक कर सुनी जाएगी या लगातार CTG लगाया जाएगा। कम जोखिम वाली महिलाओं के लिए वह पहले चरण में हर 15 मिनट पर, किसी संकुचन के तुरंत बाद, कम से कम एक मिनट तक धड़कन सुनने की सलाह देता है, और दूसरे चरण में हर 5 मिनट पर। वह यह भी कहता है कि किसी शक की वजह से लगातार CTG शुरू किया गया हो और 20 मिनट बाद रिकॉर्डिंग सामान्य हो, तो दोबारा रुक-रुक कर सुनने पर लौटा जा सकता है, बशर्ते महिला CTG पर बने रहना न चाहे। लगातार CTG के साथ दख़ल बढ़ने का ख़तरा भी NICE गिनाता है।

भारत में SBA गाइडलाइन के अनुसार ANM, LHV या स्टाफ़ नर्स प्रसव के एक्टिव हिस्से में हर आधे घंटे पर बच्चे की धड़कन पूरे एक मिनट तक गिनती हैं, साथ में संकुचनों की संख्या और अवधि नोट करती हैं, और जन्म के समय हर संकुचन के बाद धड़कन देखती हैं। धड़कन 120 से कम या 160 से ज़्यादा रहे, पानी में मेकोनियम या ख़ून हो, या तापमान 38 °C से ऊपर जाए, तो महिला को ऊपर के अस्पताल भेजा जाता है। आपके अस्पताल में किस तरह निगरानी होगी, यह आप प्रसव के लिए नाम लिखाते समय पूछ सकती हैं।

क्या ऐप CTG की जगह ले सकती है

नहीं ले सकती। हमारी संकुचन टाइमर ऐप भी शरीर पर कुछ नहीं मापती। आप टैप करती हैं कि संकुचन कब शुरू हुआ और कब ख़त्म, और ऐप उससे अवधि और अंतराल निकाल देती है। यह गिनती कैसे होती है, वह ऐप कैसे गिनती करती है में है।

बच्चा ठीक है या नहीं, यह ऐसी ऐप नहीं बता सकती। उसके लिए मिडवाइफ़ या डॉक्टर धड़कन सुनती हैं या NST करती हैं। ऐप का काम इतना है कि रात में घर पर बैठे हुए हिसाब वह रखे, और आपका तय किया नियम पूरा होते ही बता दे।

अस्पताल जाने से पहले घर पर संकुचन नोट करना

घर पर कोई NST नहीं होता। जो आप कर सकती हैं, वह है अपने संकुचनों का समय लिख लेना।

  • हर संकुचन का शुरू और ख़त्म होना नोट करें, घड़ी और काग़ज़ से या छापने लायक़ संकुचन चार्ट में।
  • यह भी लिख लें कि पानी की थैली कब फटी और पानी किस रंग का था।
  • नोट करें कि ख़ून आ रहा है या नहीं, और बच्चा रोज़ जैसा हिल रहा है या नहीं।

अस्पताल कब जाना है, इसका भारतीय नियम संकेतों वाला है। SBA गाइडलाइन के अनुसार ख़ून मिला चिपचिपा स्राव (“show”) हो, या दर्द वाले संकुचन अवधि, बारंबारता और तीव्रता में बढ़ते जाएँ, तो महिला को स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाना चाहिए। मिनट गिनने की मदद के लिए ऐप में 5-1-1 और 4-1-1 नियम हैं। आपके अस्पताल ने कुछ और कहा हो, तो उनकी बात चलेगी।

अस्पताल में आप अपनी नोट की हुई बातें मिडवाइफ़ या नर्स को दिखा सकती हैं। वे जाँच की जगह नहीं लेतीं, पर एक नज़र में बता देती हैं कि आपके संकुचन कैसे बढ़े हैं।

संकुचन ठीक से कैसे नोट करें, यह संकुचन का समय कैसे नोट करें में है, और कब निकलना है, यह अस्पताल कब जाएँ में।

इन संकेतों पर तुरंत फ़ोन करें, संकुचन चाहे जैसे हों

इनमें से कोई भी बात हो, तो पैटर्न बनने का इंतज़ार न करें। अपनी मिडवाइफ़, डॉक्टर या अस्पताल के लेबर रूम को तुरंत फ़ोन करें, दिन हो या रात। यह सूची NHS और ACOG के अनुसार है।

  • पानी की थैली फट गई है, चाहे संकुचन शुरू न हुए हों।
  • पानी का रंग बदला हुआ है या उसमें बदबू है।
  • योनि से ख़ून आ रहा है। म्यूकस प्लग में थोड़ा ख़ून आ सकता है, पर उससे ज़्यादा हो तो फ़ोन करें।
  • बच्चे की हलचल रोज़ से कम है।
  • दर्द लगातार और बहुत तेज़ है और संकुचनों के बीच में भी कम नहीं होता।
  • आपको 38 °C (100.4 °F) या उससे ज़्यादा बुख़ार है।
  • गर्भावस्था के 37 हफ़्ते पूरे नहीं हुए हैं और आपको लगता है कि प्रसव शुरू हो गया है।
  • कोई संकुचन 2 मिनट से ज़्यादा चलता है, या 10 मिनट में 6 या उससे ज़्यादा संकुचन आ रहे हैं।
  • आपको शक है या चिंता हो रही है। आप कभी भी फ़ोन कर सकती हैं।

ज़ोर लगाने की तेज़ इच्छा हो और लगे कि बच्चा अभी होने वाला है, तो इमरजेंसी नंबर पर फ़ोन करें (112 / 108)।

इस सूची के स्रोत: NHS: Signs that labour has begun (2023); NHS: Pregnancy symptoms you need to get help for; ACOG: How to tell when labor begins

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NST टेस्ट क्या होता है?

NST यानी non stress test गर्भावस्था में की जाने वाली एक सुरक्षित और दर्द रहित जाँच है, जिसमें बच्चे की धड़कन देखी जाती है कि वह हलचल और संकुचनों पर कैसे बदलती है (MedlinePlus)। Cleveland Clinic के अनुसार पेट पर दो पट्टियाँ बाँधी जाती हैं, एक संकुचन दर्ज करती है और दूसरी धड़कन, और रिकॉर्डिंग लगभग 30 मिनट चलती है। यही मशीन CTG भी कहलाती है।

NST और CTG में क्या फ़र्क़ है?

रोज़ के इस्तेमाल में दोनों एक ही मशीन हैं। CTG का पूरा नाम कार्डियोटोकोग्राफ़ी है, यानी धड़कन और संकुचन का साथ-साथ लेखा। NST उसी मशीन से की गई वह जाँच है, जिसमें देखा जाता है कि बच्चे की धड़कन उसकी हलचल पर बढ़ती है या नहीं (Cleveland Clinic)। भारत में दोनों शब्द चलते हैं, NST ज़्यादा।

NST रिपोर्ट में reactive और non-reactive का मतलब क्या है?

Cleveland Clinic के अनुसार रिपोर्ट reactive होती है, जब बच्चे की हलचल या संकुचन पर धड़कन बढ़ जाती है; 20 मिनट की रिकॉर्डिंग में यह दो बार होना चाहिए। ऐसा न हो, तो रिपोर्ट non-reactive कहलाती है। non-reactive का मतलब यह नहीं है कि कुछ गड़बड़ है, बल्कि यह कि जानकारी पूरी नहीं है और कोई और जाँच ज़रूरी हो सकती है।

बच्चे की धड़कन की सामान्य सीमा क्या है?

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की SBA गाइडलाइन के अनुसार बच्चे की सामान्य धड़कन 120 से 160 प्रति मिनट होती है, और इससे कम या ज़्यादा होना ऊपर के अस्पताल भेजने की वजह है। इंग्लैंड की NICE प्रसव के दौरान 110 से 160 प्रति मिनट की स्थिर बेसलाइन और 5 से 25 प्रति मिनट के उतार-चढ़ाव को सामान्य बताता है। पूरी रिपोर्ट का मतलब आपकी डॉक्टर या मिडवाइफ़ ही बताती हैं।

NST टेस्ट कितनी देर चलता है और कब किया जाता है?

Cleveland Clinic के अनुसार यह आम तौर पर लगभग 30 मिनट चलता है और कभी उससे ज़्यादा, और ज़्यादातर 28 हफ़्ते के बाद किया जाता है। वजहें होती हैं: तारीख़ निकल जाना, जोखिम वाली गर्भावस्था, बच्चे की हलचल कम लगना, बच्चे की बढ़त अपेक्षा से कम, जुड़वाँ बच्चे, या Rh निगेटिव होना।

क्या कोई ऐप CTG या NST का काम कर सकती है?

नहीं। संकुचन गिनने वाली ऐप शरीर पर कुछ नहीं मापती। आप संकुचन के शुरू और ख़त्म होने पर टैप करती हैं, और ऐप उससे अवधि और अंतराल निकालती है। बच्चा ठीक है या नहीं, यह ऐसी ऐप नहीं बता सकती; उसके लिए मिडवाइफ़ या डॉक्टर धड़कन सुनती हैं या NST करती हैं।

स्रोत

  1. MoHFW (Government of India): Guidelines for Antenatal Care and Skilled Attendance at Birth by ANMs/LHVs/SNs (2010)
  2. MoHFW and MWCD (Government of India): Mother and Child Protection Card, 2018 version
  3. Cleveland Clinic: Nonstress Test (2026)
  4. MedlinePlus (U.S. National Library of Medicine): Nonstress Test
  5. NICE: Fetal monitoring in labour, guideline NG229 (2022)
  6. Miles AM, Monga M, Richeson KS: Correlation of external and internal monitoring of uterine activity in a cohort of term patients. Am J Perinatol (2001)
  7. ACOG: How to Tell When Labor Begins, patient FAQ (reviewed 2025)

यह लेख डॉक्टरी सलाह की जगह नहीं लेता। शक हो, तो अपने अस्पताल, डॉक्टर या मिडवाइफ़ को फ़ोन करें, और इमरजेंसी में इमरजेंसी नंबर पर (112 / 108)।

प्रसव शुरू होता है, तो हाथ ख़ाली नहीं रहते

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